दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियां: जानिए इनके इतिहास और मिशनों के बारे में

The world's most dangerous intelligence agencies: Know about their history and missions

दुनिया के लगभग हर देश के पास अपनी सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुश्मनों की साजिशों का पता लगाने के लिए खास खुफिया एजेंसियां होती हैं। इन एजेंसियों के जासूस गुप्त रूप से दूसरे देशों में रहते हुए अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए अहम सूचनाएं जुटाते हैं। आइए जानते हैं ऐसी कुछ खतरनाक और चर्चित खुफिया एजेंसियों के बारे में और उनके इतिहास पर एक नजर डालते हैं।

1. CIA (Central Intelligence Agency) – अमेरिका
अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और खतरनाक एजेंसियों में गिना जाता है। इसकी शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1941 में “ऑफिस ऑफ द कोऑर्डिनेटर ऑफ इन्फॉर्मेशन (COI)” के रूप में हुई थी।

1945 में OSS को खत्म कर SSU और फिर 1946 में CIG का गठन किया गया। अंततः 18 सितंबर 1947 को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत CIA की स्थापना हुई। इसका मुख्य काम विदेशी जासूसी और सुरक्षा संबंधी रणनीतिक जानकारी जुटाना है।

2. मोसाद (Mossad) – इजराइल
मोसाद इजराइल की खुफिया एजेंसी है, जो अपने साहसिक और दुश्मनों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालने वाले अभियानों के लिए जानी जाती है। इसकी स्थापना 13 दिसंबर 1949 को की गई थी।

पूरा नाम है — Mossad Le-Mossad Le-Modi’in Ule-Tafkidim Meyuhadim, यानी सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलिजेंस एंड स्पेशल ऑपरेशंस। यह एजेंसी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और वैश्विक जासूसी में बेहद सक्रिय भूमिका निभाती है।

3. RAW (Research and Analysis Wing) – भारत
रॉ भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1968 में की गई थी।

1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की खामियों के बाद यह महसूस किया गया कि भारत को विदेशों में खुफिया जानकारी जुटाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी की जरूरत है। इसके पहले निदेशक आर. एन. काव थे। रॉ ने कई बड़े मिशनों में अहम भूमिका निभाई है।

4. MI-6 (Secret Intelligence Service) – ब्रिटेन
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI-6, जिसे सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस (SIS) भी कहा जाता है, की स्थापना 1909 में हुई थी।

शुरुआत में इसका नाम सीक्रेट सर्विस ब्यूरो था और इसका कार्य देश के बाहर की खुफिया जानकारी जुटाना था। बाद में इसे सेना के लिए दो हिस्सों में विभाजित किया गया — नौसेना और थलसेना के लिए। MI का मतलब है मिलिट्री इंटेलिजेंस।

5. ISI (Inter-Services Intelligence) – पाकिस्तान
ISI पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1948 में की गई थी। इसके संस्थापक ब्रिटिश अफसर रॉबर्ट कॉवथोम थे।

ISI दुनियाभर में अपनी गुप्त गतिविधियों और कई विवादों के लिए जानी जाती है। इसे कई बार आतंकी संगठनों से कथित संबंधों को लेकर आलोचना का भी सामना करना पड़ा है।

6. Foreign Intelligence Service (SVR) – रूस
सोवियत संघ के समय खुफिया एजेंसी का नाम KGB (कोमितेत गोसुदर्स्त्वेन्नोय बेज़ोपास्नोस्टी) था, जो 1954 से 1991 तक सक्रिय रही।

सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस ने फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विस (SVR) की स्थापना की, जिसे फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) के रूप में भी जाना जाता है। यह एजेंसी अंतरराष्ट्रीय खुफिया कार्यों को अंजाम देती है और रूस की विदेश नीति का एक अहम हिस्सा है।

इन खुफिया एजेंसियों ने अपने-अपने देश की सुरक्षा और रणनीतिक बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। ये एजेंसियां जितनी रहस्यमयी हैं, उतनी ही शक्तिशाली भी।

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